छत्तीसगढ़
दुगोली इकोपार्क में रात के अंधेरे में गिराए जा रहे सागौन के पेड़
Shantanu Roy
26 Feb 2026 11:35 PM IST

x
छग
Bijapur. बीजापुर। जिले के दुगोली इकोपार्क में वन विभाग की ओर से रात के अंधेरे में बेशकीमती सागौन के पेड़ गिराए जाने की खबर सामने आई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अब तक करीब 20 पेड़ जमींदोज किए जा चुके हैं और कुल 35 पेड़ गिराने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों का दावा है कि यह कार्रवाई नर्सरी विकसित करने और पेड़ों की घनी छांव के कारण पौधों को पर्याप्त रोशनी न मिलने की समस्या के समाधान के लिए की जा रही है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वन विभाग के इस फैसले के संबंध में न तो रेंजर, न एसडीओ और न ही सीसीएफ ने कोई आधिकारिक आदेश साझा किया है। विशालकाय सागौन के पेड़ों को बुलडोजर और मशीनों की मदद से काटा जा रहा है और रात के समय की गई यह कार्रवाई संदिग्ध मानी जा रही है।
वन विभाग के एसडीओ देवेंद्र गोंड ने कहा कि रात में पेड़ों को गिराने की कोई आवश्यकता नहीं थी, इसे दिन में भी किया जा सकता था। उन्होंने बताया कि पेड़ों को गिराने का आदेश डीएफओ द्वारा जारी किया गया था और सीसीएफ की अनुशंसा के लिए पत्र भेजा गया था। हालांकि, एसडीओ गोंड इस आदेश की प्रति उपलब्ध नहीं करा सके। जगदलपुर के सीसीएफ आलोक तिवारी ने इस मामले में पुष्टि की कि उन्होंने ही पेड़ों को हटाने की अनुशंसा की थी। उन्होंने बताया कि पिछली बार दौरे के दौरान उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पेड़ों को हटाने का निर्देश दिया था। सीसीएफ तिवारी ने यह भी कहा कि उनका कल फिर से क्षेत्र का दौरा है और वे वहां की स्थिति का निरीक्षण करेंगे।
स्थानीय पर्यावरण विशेषज्ञ और नागरिक संगठन इस कार्रवाई को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि रात के समय किए जाने वाले पेड़ कटाई कार्य से पारदर्शिता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता पर सवाल उठते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सागौन जैसे पेड़ों की कटाई सीधे पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय जैव विविधता पर असर डाल सकती है। वन विभाग ने नर्सरी विकसित करने और पौधों को पर्याप्त रोशनी मिलने के लिए पेड़ों को हटाने का औचित्य बताया है, लेकिन आधिकारिक आदेश की अनुपस्थिति और रात में की गई कार्रवाई ने संदेह को जन्म दिया है। इस मामले में स्थानीय निवासियों ने कहा कि जंगल और इकोपार्क के पेड़ों की कटाई से क्षेत्र की हरियाली और पर्यटन संभावनाओं पर भी असर पड़ सकता है। वन विभाग और सीसीएफ ने आश्वासन दिया है कि आगामी दौरे में पेड़ों की कटाई और नर्सरी निर्माण की प्रक्रिया का विस्तृत निरीक्षण किया जाएगा और आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे मामले में अधिकारी और वन विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता बनी हुई है।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





